(कड़ी सुरक्षा में विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, शपथ लेकर लौटे जेल Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly Under Tight Security)
पटना: बिहार विधानसभा में आज एक विशेष परिस्थिति में शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुई, जब मोकामा से निर्वाचित विधायक अनंत सिंह ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेऊर केंद्रीय कारा से विधानसभा लाया गया। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें इस मामले में फिलहाल जमानत नहीं मिली है। अदालत के आदेश के अनुसार, उन्हें केवल शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी करने के लिए सीमित समय के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई थी। कानूनी बाध्यताओं के चलते वे विधानसभा की किसी अन्य कार्यवाही या चर्चा में शामिल नहीं हो सके।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
अदालत की अनुमति के बाद पूरी हुई तैयारी
पटना सिविल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जेल प्रशासन और जिला पुलिस ने शपथ ग्रहण की प्रक्रिया के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कीं। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विधायक को केवल शपथ के लिए विधानसभा लाया जाएगा और प्रक्रिया समाप्त होते ही उन्हें बिना किसी देरी के पुनः जेल भेजा जाएगा।
इस निर्देश के अनुपालन में सुरक्षा और समय-सारिणी को लेकर विशेष योजना बनाई गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि शपथ ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और न्यायालय के आदेशों का पूर्ण पालन किया जाए।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
विधानसभा की सदस्यता प्रक्रिया पूरी
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में अधिकांश नवनिर्वाचित विधायक पहले ही शपथ ले चुके थे। अनंत सिंह इस सूची में अंतिम सदस्य थे, जिन्होंने आज शपथ ग्रहण कर अपनी सदस्यता औपचारिक रूप से पूरी की। इसके साथ ही वर्तमान विधानसभा की शपथ प्रक्रिया पूर्ण हो गई है।
हालांकि, कानूनी स्थिति के कारण अनंत सिंह को सदन की कार्यवाही में भाग लेने या किसी अन्य गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। वे केवल शपथ ग्रहण तक ही सीमित रहे।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आवागमन
अनंत सिंह को बेऊर जेल से विधानसभा लाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उनके साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और एस्कॉर्ट वाहनों का काफिला पूरे मार्ग में मौजूद रहा।
विधानसभा परिसर के भीतर और बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए थे। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। किसी भी प्रकार के समर्थक जमावड़े पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
समर्थकों के प्रवेश पर रोक
प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि शपथ ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े या समर्थकों की मौजूदगी की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस निर्देश का सख्ती से पालन कराया गया।
विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया था। आम नागरिकों और मीडिया के लिए भी सीमित और नियंत्रित पहुंच व्यवस्था लागू की गई थी।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़ा मामला
अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में निचली अदालत से उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया था।
हालांकि, जिस पीठ में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी, वहां संबंधित न्यायाधीश ने सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। इसके चलते मामले की पुनः लिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। जब तक उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिलती, तब तक अनंत सिंह को जेल में ही रहना होगा।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
जेल में रहते हुए चुनावी जीत
न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। चुनाव परिणामों में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी वीणा देवी को 28,206 मतों के अंतर से पराजित किया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अनंत सिंह को कुल 91,416 वोट प्राप्त हुए। यह जीत मोकामा सीट के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
चुनाव परिणाम के बाद का घटनाक्रम
चुनावी जीत के बाद मोकामा क्षेत्र में उनके समर्थकों द्वारा बड़े स्तर पर जश्न मनाया गया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और सामाजिक भोज का आयोजन भी किया गया था। हालांकि, प्रशासन ने बाद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया।
वर्तमान में, अनंत सिंह की कानूनी स्थिति को देखते हुए उनकी सभी गतिविधियां न्यायालय के आदेशों और जेल नियमों के अधीन हैं।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
कानून और संवैधानिक प्रक्रिया पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम संविधान और कानून के दायरे में रहकर संपन्न कराया गया। अदालत, जेल प्रशासन, पुलिस और विधानसभा सचिवालय के बीच समन्वय स्थापित कर शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।
सरकार और प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया, दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
आगे की राह
फिलहाल अनंत सिंह की आगे की राजनीतिक भूमिका उनकी कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी। जब तक उन्हें संबंधित मामले में जमानत या अन्य न्यायिक राहत नहीं मिलती, तब तक वे विधानसभा की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले सकेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले पर न्यायालय की आगामी सुनवाई और निर्णय के बाद ही स्थिति में कोई बदलाव संभव है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकार और कानून का शासन समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, और दोनों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।(Anant Singh Takes Oath in Bihar Assembly)
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